Sirshree
यह पुस्तक आपके लिए नहीं है...यदि आप केवल कुछ प्रेरक विचार पढ़कर आगे बढ़ जाना चाहते हैं...यदि आप मानते हैं कि आपके जीवन की हर उलझन का कारण केवल परिस्थितियाँ हैं...यदि आप ऐसे उत्तर खोज रहे हैं, जो बिना किसी आत्मचिंतन के सब कुछ बदल दें... तो यह पुस्तक आपके लिए नहीं है।लेकिन... यदि आपने कभी सोचा है कि एक ही घटना किसी व्यक्ति को तोड़ देती है, जबकि वही घटना किसी दूसरे को अंदर से गढ़ देती है...यदि आप घटनाओं में छिपे बोध को पहचानना चाहते हैं...यदि आप केवल समय के साथ नहीं, समझ के साथ आगे बढ़ना चाहते हैं...और यदि आप अपने जीवन को किसी और की नज़र से नहीं, अपनी जागी हुई चेतना से देखना चाहते हैं... तो यह पुस्तक आपका इंतज़ार कर रही है।