sodha iqbal Kasam
खून से लिखी आज़ादीयह डिजिटल पुस्तक भारतीय इतिहास के सबसे निर्णायक और संघर्षपूर्ण दो सौ वर्षों 1757-1947 का एक गहन विश्लेषण है 21000 से अधिक शब्दों में विस्तृत यह कृति मात्र एक ऐतिहासिक विवरण नहीं बल्कि उन अनगिनत बलिदानों की गाथा है जिन्होंने आधुनिक भारत की नींव रखी प्लासी के विश्वासघात से लेकर आजादी की पहली सुबह तक लेखक सोधा इकबाल कासम ने राजनीति अर्थशास्त्र और मानवीय संवेदनाओं को एक धागे में पिरोया है यह पुस्तक उन गंभीर पाठकों और विद्यार्थियों के लिए एक अनिवार्य मार्गदर्शिका है जो इतिहास को केवल तारीखों में नहीं बल्कि उसके पीछे की आत्मा से समझना चाहते हैंकानूनी चेतावनी एवं उपयोग की शर्तेंमहत्वपूर्ण सूचना इस डिजिटल पुस्तक की सामग्री पूरी तरह से सुरक्षित और कॉपीराइट कानूनों के अधीन है पाठक से अनुरोध है कि वह निम्नलिखित शर्तों का पालन अनिवार्य रूप से करेबौद्धिक संपदा अधिकार इस पुस्तक के सभी सर्वाधिकार All Rights Reserved विशेष रूप से इसके लेखक सोधा इकबाल कासम के पास सुरक्षित हैं पुस्तक का शीर्षक विचार संरचना और विषयवस्तु लेखक की निजी बौद्धिक संपत्ति हैअनुमति और प्रतिबंध इस पुस्तक को केवल व्यक्तिगत शिक्षा संदर्भ और ज्ञान प्राप्ति के उद्देश्य से पढ़ा जा सकता है लेखक की लिखित अनुमति के बिना इस पुस्तक के किसी भी हिस्से को किसी भी रूप डिजिटल प्रिंट ऑडियो या सोशल मीडिया में पुनरुत्पादित Reproduce वितरित Distribute या व्यावसायिक उपयोग Commercial Use करना पूर्णतः वर्जित हैकानूनी कार्यवाही उपरोक्त शर्तों का उल्लंघन करने सामग्री की चोरी Plagiarism करने या अनधिकृत प्रसार करने की स्थिति में लेखक के पास संबंधित व्यक्ति या संस्था के विरुद्ध बौद्धिक संपदा अधिकार उल्लंघन Copyright Infringement मानहानि Defamation और आर्थिक क्षतिपूर्ति के लिए कानूनी मुकदम