Sandeep Chavan
क्या हम सचमुच अपने निर्णयों, कार्यों और परिणामों को नियंत्रित करते हैं? या नियंत्रण का हमारा अनुभव एक ऐसी कहानी है, जो घटनाओं के घटित होने के बाद आकार लेती है?द इल्यूजन ऑफ कंट्रोल मानवीय कर्तापन, स्वतंत्र चुनाव और नियंत्रण की धारणा का एक मौलिक संरचनात्मक अध्ययन है। संदीप चव्हाण यह पड़ताल करते हैं कि हमारे विचार और निर्णय स्मृति, अनुभव, परिस्थितियों, सीमाओं और दूसरों के प्रभाव के बीच कैसे बनते हैं।पुस्तक व्यक्ति के भीतर से आरंभ होकर संबंधों, टीमों, नेतृत्व, संस्थाओं और समाज तक पहुँचती है। इसमें ’स्व’ को एक स्वतंत्र संचालक के बजाय अनुभव के संदर्भ-केंद्र के रूप में, निर्णय को संरेखण की प्रक्रिया के रूप में और बुद्धिमत्ता को बदलती वास्तविकता के साथ सुसंगत सहभागिता के रूप में समझा गया है।यह पुस्तक जिम्मेदारी, अनुशासन या नियोजन को नकारती नहीं। इसके बजाय यह पूर्ण नियंत्रण के दावे और वास्तविक प्रभाव की सीमाओं के बीच अंतर स्पष्ट करती है। दर्शन, मनोविज्ञान, नेतृत्व और जटिल तंत्रों में रुचि रखने वाले पाठकों के लिए यह एक गंभीर प्रश्न प्रस्तुत करती है: जब हम वास्तविकता के बाहर खड़े संचालक नहीं, बल्कि उसी का हिस्सा हैं, तो सार्थक ढंग से जीना और कार्य करना क्या है? 6